Monday, January 30, 2023
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गुरुग्राम
अनिल श्रीवास्तव का लघुकथा संग्रह 'मोह के धागे' लोकार्पित

डा. अग्रवाल ने संस्था व अतिथिगण का संक्षिप्त परिचय देते हुए शाब्दिक स्वागत किया I उन्होंने अनिल श्रीवास्तव को संग्रह के लिए साधुवाद दिया I

कुछ मैं कहूँ, कुछ तुम सुनो एवम् 'ख्वाबों की खुरचन' सुप्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मी शंकर बाजपेई एवम विश्व ख्याति प्राप्त कवि दिनेश रघुवंशी द्वारा लोकार्पण

दीपशिखा दीप ने - " गुमशुदा है इंसान,तलाश अभी बाकी है,
सुना है बुत मे है भगवान,तराश अभी बाकी है। " पंक्तियाँ पढ़ीं तो सम्पूर्ण हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो गया

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