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राज्य

मिस्त्री, कारपेंटर व बार-बेंडेर्स की क्षमता वर्धन के लिए कार्यशाला शुरू

हिमालयन अपडेट ब्यूरो | December 02, 2019 06:48 PM

सोलन,

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन के सौजन्य से जिला में सुरक्षित भवन निर्माण के लिए मिस्त्री, कारपेंटर तथा बार बेंडेर्स की क्षमता वर्धन योजना के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला गत दिवस यहां शुरू हुई। कार्यशाला का शुभारंभ सहायक आयुक्त भानु गुप्ता ने किया।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला की विभिन्न ग्राम पंचायतों के मिस्त्रियों को हिमकोस्ट व बहुतकनीकी महाविद्यालय सुंदरनगर के विशेषज्ञों के सहयोग से गृह निर्माण की सुरक्षित तकनीक के बारे में अवगत करवाया जा रहा है। कार्यशाला 03 दिसंबर, 2019 को संपन्न होगी।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त ने कहा कि भूकंप की दृष्टि से सोलन जिला जोन 4 व 5 में आता है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण कार्यों में भूकंप रोधी तकनीक अपनाकर भूकंप से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूकंप आने पर सबसे ज्यादा नुकसान लोगों की अज्ञानता एवं भवनों के गिरने के कारण होता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति भवन निर्माण में पूंजी लगाकर अपने परिवार और पूंजी को सुरक्षित करना चाहता है और इसलिए आवश्यक है कि इस कार्य में नियुक्त मिस्त्री भूकंप रोधी आवास निर्माण तकनीक को जानते हों।  
भानु गुप्ता ने कहा कि राजमिस्त्री भवन निर्माण प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए राजमिस्त्रयों को कम लागत में भूकंप रोधी भवन निर्माण की सभी जानकारियां उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे इस तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग भवन निर्माण में कर सकंे। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे राजमिस्त्रयों से प्रशिक्षण में सिखाई जा रही भूकंप रोधी भवन निर्माण तकनीक की बारीकियों को गहनता से सीख कर अपने अन्य साथी मिस्त्रियों को भी सिखाने को कहा। उन्होंने हका कि इसके उपयोग में जिला में कार्यरत सभी राजमिस्त्री पारंगत होने चाहिएं।
उन्होंने उपस्थित राजमिस्त्रयों से आग्रह किया कि कार्यशाला मे बताई जाने वाली विधि को ध्यान से समझें एवं उपस्थित प्रशिक्षक से प्रश्न पूछें ताकि उनकी जिज्ञासा का समाधान हो सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मकान बनाते समय भूकंप रोधी तकनीक का प्रयोग करें।
कार्यशाला में मिस्त्रियों को नींव डालने तथा सरिए को बांधने की तकनीक के बारे में बताया गया।
कार्यशाला में हिमकोस्ट तथा बहुतकनीकी महाविद्यालय सुंदरनगर के विशेषज्ञ व काफी संख्या में राजमिस्त्री उपस्थित थे।

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