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हेल्थ और लाइफस्टाइल

माहवारी के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे महिलाएं: डा. ऋचा

हिमालयन अपडेट ब्यूरो | January 23, 2020 04:17 PM

कुल्लू,



   उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा ने महिलाओं और किशोरियों से अपील की है कि वे मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और सेनेटरी नेपकिन का प्रयोग करें। मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति महिलाओं को जागरुक करने के लिए कुल्लू जिले में आरंभ किए गए ‘संवेदना’ अभियान के तहत वीरवार को लगघाटी के गांव भुट्ठी में आयोजित जागरुकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने यह अपील की। जिला प्रशासन और जिला रैडक्राॅस सोसाइटी द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से आयोजित इस शिविर में लगघाटी के दूरदराज गांवों की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
   डा. ऋचा वर्मा ने कहा कि महीने के उन दिनों के दौरान महिलाएं अगर स्वच्छता का ध्यान रखें तथा सेनेटरी नेपकिन का प्रयोग करें तो वे कई गंभीर बीमारियों से बच सकती हैं। उन्होंने बताया कि कुल्लू जिला में हाल ही में करवाए गए एक सर्वे के दौरान कुछ चैंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सर्वे के मुताबिक जिले में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी नेपकिन का प्रयोग ही नहीं कर रही हैं, जोकि बहुत ही खतरनाक है। नेपकिन का प्रयोग न करने पर महिलाओं में संक्रमण की आशंका कई गुणा बढ़ जाती है। इस संक्रमण से महिलाओं व किशोरियों को बांझपन और गर्भाशय के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।
  उपायुक्त ने कहा कि संवेदना अभियान के तहत जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और किशोरियों के लिए जागरुकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मासिक धर्म स्वच्छता पर व्यापक जानकारी के साथ-साथ महिलाओं का मेडिकल चैकअप भी किया जाएगा तथा माहवारी के संबंध में उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा। शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में सेनेटरी नेपकिन की व्यवस्था की जाएगी। आशा वर्करों और आंगनबाड़ी कर्मचारियों के माध्यम से भी सेनेटरी नेपकिन के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
  डा. ऋचा ने कहा कि प्रयोग के बाद सेनेटरी नेपकिनों के सही निष्पादन पर भी विशेष बल दिया जाएगा। इसके लिए कुछ पंचायतों या महिला मंडलों को पारंपरिक तंदूर जैसे ईको-फ्रेंडली इंसीनरेटर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे नेपकिनों का सही निष्पादन सुनिश्चित होगा।  
  इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र सिंह आर्य, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की कैंसर केयर यूनिट की प्रभारी डा. डेंचिन वांगमों और बीडीओ डा. जयवंती ठाकुर ने भी महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, स्त्री रोगों और पोषण अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच भी की गई।
  इस मौके पर स्थानीय पंचायत उपप्रधान भूषण सिंह, चैपाड़सा की प्रधान विमला ठाकुर, डा. नम्रता विद्यार्थी, डा. रीमा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

खान-पान का भी रखें ध्यान, कुल्लू में शुरू होगा ‘नुहारी’ अभियान


डा. ऋचा वर्मा ने कहा कि महिलाओं को खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। पौष्टिक एवं संतुलित आहार से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं। महिलाएं अक्सर अपनी दैनिक व्यवस्तताओं के बीच अपने आहार का ध्यान नहीं रख पाती हैं और कई बार समय पर खाना ही नहीं खाती हैं। इससे उनमें खून की कमी और अनीमिया की आशंका बढ़ जाती है। हाल ही में कुल्लू के कुछ शिक्षण संस्थानों में करवाई गई रक्त जांच के दौरान लगभग 90 प्रतिशत छात्राओं में एचबी की कमी पाई गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कुल्लू जिला में शीघ्र ही ‘नुहारी’ अभियान आरंभ किया जाएगा। इस अभियान के तहत बच्चों के पौष्टिक एवं संतुलित आहार पर विशेष जोर दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि सर्वे के दौरान यह भी सामने आया है कि अधिकांश बच्चे नुहारी यानि सुबह के नाश्ते के बगैर ही स्कूल चले जाते हैं। सुबह का नाश्ता न करने से बच्चों में कई पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसी के मद्देनजर ‘नुहारी’ अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसमें बच्चों को सुबह का नाश्ता अवश्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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