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राज्य

दुराचार एवं बाल अपराध पीड़ित  नाबालिगों की सघन काउंसलिंग को लेकर त्वरित कदम उठाएं-उपायुक्त  

हिमालयन अपडेट ब्यूरो | February 14, 2020 06:55 PM
चंबा,
 
 
 
उपायुक्त विवेक भाटिया ने आज जिला स्तरीय अपराधिक अभिघात राहत एवं पुनर्वास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दुराचार एवं बाल अपराध पीड़ित  नाबालिगों की सघन काउंसलिंग को लेकर त्वरित कदम उठाए जाएं ताकि मानसिक आघात से गुजर रहे इन बच्चों को काउंसलिंग के जरिए मुख्यधारा के साथ जोड़ा जा सके।  जिला बाल संरक्षण कार्यालय के 
प्रोफेशनल काउंसलर द्वारा पीड़ित के अलावा उसके परिवार के सदस्यों की 6 महीने तक सघन काउंसलिंग किए जाने का प्रावधान है।  
उपायुक्त नेेे यह यह भी निर्देश दिए कि ऐसे बच्चों की स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें ताकि वे शिक्षा के अलावा व्यवसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करके वित्तीय तौर पर भी स्वावलंबी बन सके । उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमोंं में कैरियर काउंसलिंग,  पर्यटक गाइड , रिटेलिंग, फोटोग्राफी के साथ-साथ यहां केेे परंपरागत  स्थानीय हस्तशिल्प एवं खाद्य उत्पाद तैयार करने के हुनर को शामिल किया जा सकता है। 
 उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों को दी जाने वाली राहत और उनके पुनर्वास को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारी तुरंत कदम कदम उठाएं। उपायुक्त ने कहा कि दुराचार पीड़ित यदि अपने बयान को बदलता है तो उस सूरत में इसे अविलंब बोर्ड केेे ध्यान में लाया जाए ताकि अभिभावकों और पीड़ित की काउंसलिंग के जरिए सही वस्तुस्थिति से अवगत हुआ जा सके। दुराचार का मामला पाया जाने की सूरत में संबंधित पुलिस थाना के थाना प्रभारी 72 घंटों की अवधि के बीच एफआईआर,  मेडिकल रिपोर्ट,  शुरुआती जांच रिपोर्ट को पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिला बाल संरक्षण अधिकारी को भेजना सुनिश्चित करेंगे। 
उपायुक्त ने घरेलू हिंसा से पीड़ितों के लिए सरोल में स्थापित वन स्टॉप सेंटर में बेहतरीन क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरों की तुरंत स्थापना के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर भवन की सुरक्षा के अलावा उसमें सभी बुनियादी सुविधाएं जुटाने और रास्ते के निर्माण कार्य को भी जल्द पूरा किया जाए।  
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त को इसका जायजा लेने के लिए कहा गया है ताकि यह वन स्टॉप सेंटर सभी मानकों और स्तरीय सुविधाओं के लिहाज से पूरे प्रदेश में एक मॉडल के तौर पर जाना जाए।  उपायुक्त ने चिल्ली स्थित चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट (बाल आश्रम) के लिए उपयुक्त भूमि तलाशने के निर्देश जारी किए ताकि राष्ट्रीय जल विद्युत निगम से कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी यानी सीएसआर के तहत मिलने वाली चार करोड़ की राशि से सभी सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण किया जा सके। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगदीश राणा,  जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल,  जिला पंचायत अधिकारी रमेश कपूर , पुलिस उपाधीक्षक रामकरण राणा,  जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ हरित पुरी,  अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन  एडवोकेट डीपी मल्होत्रा के अलावा बोर्ड के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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