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हिमाचल

मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग का किया आग्रह

हिमालयन अपडेट ब्यूरो | March 21, 2020 07:25 PM

शिमला,

 

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां सभी राजनीतिक पार्टियों की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी पार्टियों के नेताओं से राज्य में कोराना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और मुनाफाखोरी से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्हांेने कहा कि सरकार ने विभिन्न सार्वजनिक उपयोगिता बिलों जैसे बिजली, पानी आदि के भुगतान की तिथि को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, जो पृथकीकरण से बचते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में पांच निर्माताओं से अधिक तादाद में सेनेटाईजर बनाने के लिए कहा है।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि सभी अध्यापकों को 31 मार्च, 2020 तक स्कूल न आने की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि केवल आपात स्थिति में संबंधित उपायुक्त अध्यापकों की सेवाएं ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त भण्डारण है। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर, पेरा मेडिकल स्टाफ, पुलिस कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मचारियों को पर्याप्त स्वच्छता किट्स उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कोरोना वायरस के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, 14 मार्च, 2020 को हिमाचल प्रदेश महामारी (कोविड-19) नियम एवं विनियमों-2020 अधिसूचित करने वाला देश का पहला राज्य है।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस बीमारी ने विश्व के अधिकतर विकसित देशों में महामारी का रूप ले लिया है। उन्होंने कहा कि अमरीका जैसी महाशक्तियों में भी कोविड-19 के 14 हजार मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कल तक इससे संबंधित कोई भी पोजिटिव मामला नहीं था। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में सामने आए दो मामले चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इन दोनों मरीजों के सैंपल आगे की जांच और सत्यापन के लिए पुना भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को इस खतरे को फैलने से रोकने के लिए अधिक सतर्क और तैयार रहना होगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रोकथाम उपाय के तौर पर 31 मार्च, 2020 तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य में सभी मुख्य मंदिरों को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि होटल एसोसिएशन ने भी इस मामले में सरकार को अपना पूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों और लोगों की भीड़ जमा होने पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया है।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि मास्क और सेनेटाईजर के मूल्यों को निर्धारित किया गया है और इन आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी को सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना, सम्पर्क व संप्रेषण पर विशेष बल दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लोगों में घबराहट न फैले।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मुख्य कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को कम करने के लिए एक प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि इन कार्यालयों में भीड़-भाड़ से बचा जा सके।

 

जय राम ठाकुर ने राज्य में जनता कफ्र्यू को सफल बनाने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग का आग्रह किया ताकि लोगों को 22 मार्च को घर में ही रहने के लिए प्रेरित किया जा सके, जिससे यह वायरस समुदाय में न फैल सके। उन्होंने कहा कि इससे कोविड-19 वायरस के फैलने की श्रृंखला टूट जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता कफ्र्यू को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की बस सेवा तथा सभी अन्तर्राज्यीय वाहनों को 21 मार्च मध्य रात्रि से आगामी आदेशों तक निलम्बित कर दिया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति की निगरानी के लिए राज्य और जिला नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है और हेल्पलाइन-104 चैबीस घण्टे काॅल सेंटर के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल काॅलेजों सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आइसोलेशन वार्डों की पहचान की गई है, जहां पर्याप्त संख्या में बिस्तरों की क्षमता है।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के तीन मेडिकल काॅलेज आईजीएमसी शिमला, कांगड़ा के टांडा में स्थित डाॅ. राजेन्द्र मेडिकल काॅलेज और नेरचैक मेडिकल काॅलेज को पाॅजिटिव मामलों के उपचार के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल काॅलेजों में एन-95 मास्क सहित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि वे छोटी बीमारियों के लिए अस्पताल जाने से बचें।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अंतर्राज्यीय बस सेवाओं में केवल 10 प्रतिशत की कमी की है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी की अंतर्राज्यीय बस सेवा और निजी बसों को 50 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। उन्होंने राज्य के लोगों से सामाजिक दूरियां अपनाने का भी आग्रह किया और जहां तक संभव हो पारिवारिक कार्यक्रमों जैसे विवाह पार्टियों आदि में जाने से बचें ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने आगामी आदेशों तक घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगा रखा है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी लोगों की सेवा के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी से कोविड-19 के नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूर्ण सहयोग देने तथा बड़ी संख्या में एकत्रित न होने का आग्रह किया।

 

राज्य भाजपा अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिन्दल ने प्रदेश में इस खतरे को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को उचित ढंग से सेनिटाईज करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस को उचित ढंग से सेनिटाईज किया जाना चाहिए।

 

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों को देश में जनता कफ्र्यू का पालन करने का आह्वान किया है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे राज्य में जनता कफ्र्यू को सफल बनाने के लिए सहयोग दें।

 

राज्य कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि इस संकट के समय कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार के साथ है। उन्होंने राज्य सरकार से मास्क और सेनिटाईजर उचित मूल्य की दुकानों में उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि सीमा पर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों पर सख्त निगरानी रखी जाए।

 

विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और कर्मियों के प्रवेश पर विशेष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर, पेरामेडिकल स्टाफ और स्वच्छता कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण प्रदान करना सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

 

विधायक सीपीएम राकेश सिंघा ने कहा कि ऐसी स्थिति को युद्ध की तरह लेकर लोगों के विश्वास को जीतना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को रोकने के लिए पूर्ण पृथकीकरण का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए बीमारी का प्रकोप बढ़ने पर लोगों के पृथकीकरण के लिए भवन चिन्हित किए जाने चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि समाज के उन वर्गों को कुछ राहत देने की घोषणा करें, जो दो वक्त के खाने के लिए रोजाना काम करना पड़ता है ताकि उन्हें घर पर रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। 

 

सीपीएम नेता संजय चैहान, बीएसपी नेता सुरेश सैनी, कांशी राम, सीपीआई नेता रोशन लाल डोगरा ने भी इस अवसर पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान ने राज्य सरकार द्वारा राज्य में इस वायरस के प्रसार की जाँच व रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट दी।

 

मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव रजनीश और देवेश कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 

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