Monday, November 30, 2020
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कविता

अहसास

प्रीति शर्मा "असीम" | November 08, 2020 04:16 PM

अहसास
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यह अहसास की तुम हो कहीं आस पास हो,
बहुत सुकून देता है --------------

तेरे आंखों की दीवानगी,
तेरे चाहतों की नरमी ,
मेरी मासूम अदाओं पर
तेरा धीरे से मुस्कुराना,
मेरी जिंदगी में तेरा नमक सा घुल जाना,
यह अहसास की तुम हो कहीं आस पास हो ,
बहुत सुकून देता है----------

ये मदहोशी का आलम,
ये दिल का बहकना ,
तुम्हें तलाशती नजर ,
तुम्हें पाने की कसक,
पल पल हवाओं में तेरी खुशबू का आना,
यह अहसास की तुम हो कहीं आस पास हो,
बहुत सुकून देता है --------------

तेरे चाहत की खुशबू,
तेरे आगोश की कशिश,
तेरे प्यार में खुद को
मिटा देने की कोशिश,
मेरी नजरों मे तेरा अश्क बन कर सिमट आना,
यह अहसास की तुम हो कहीं आस पास हो,
बहुत सुकून देता है ------/////

मंजू भारद्वाज

 
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