Monday, July 06, 2020
Follow us on
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग: कलयुगी दादा ने अपनी 9 साल की पोती को बनाया हवस का शिकारशहादत : तिरंगे में लिपटे अमर शहीद अंकुश के पार्थिव शरीर को देख बिलख उठे हमीरपुरवासी, आसमान भी रोया, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई , सीएम कल मिलेंगे परिजनों से तिरंगे में लिपटे अमर शहीद अंकुश का पार्थिव शरीर ले आज 10 बजे लेह से चण्डीगढ़ के लिए उड़ान भरेगा विशेष विमान, क़ड़ोहता के बरसेला नाला में होगी राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाईअंकुश की शहादत से हमीरपुर गमगीन, हमीरपुर जिला के कड़ोहता ( भोरंज उपमंडल)का वीर सैनिक अंकुश शहीद हुआ , कड़ोहता में बेसब्री से हो रहा शहीद के पार्थिव देह का इंतज़ार ब्रेकिंग ) हमीरपुर : मानसिक परेशानी से घर से ग़ायब युवक की सातवें दिन जंगलबेरी में मिली डेड बॉडी,ब्रेकिंग : जिला सोलन के अर्की में कोरोना का पहला मामला आने से हड़कंप ब्रेकिंग: कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति गुरुग्राम से सीधे पहुंचा अस्पताल, मेडिकल कॉलेज नेरचौक में मची अफरातफरी अनलॉक एक का मतलब है और अधिक सावधानी, एतिहात
-
राज्य

आनी के बजूद पर मंडरा रहे खतरे के बादल

August 18, 2018 07:08 PM

 

 
आनी,
लगभग 10 हजार की आबादी बाले उपमण्डल मुख्यालय आनी के बजूद पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।यहां के कोटनाला,व माशनू नाला में भारी भूस्खलन से अति संवेदनशील हो चुकी दलड़ल युक्त भूमि कभी भी टूटकर अपने रौद्र तांडव से आनी कस्वे के बजूद पर कहर ढा सकता है।हालांकि कस्वेवासी इस संभावित खतरे से पूरी तरह अनभिज्ञ है,लेकिन अगर आनी के पूर्व इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए ,तो इतिहास गवाह है कि आनी कस्वे पर कुदरत पूर्व में दो वार अपना कहर ढा चुकी है,जिसमें आनी का पूरा बजूद दफन हो गया था।बाबजूद इसके लोग कस्वे में नदी नालों से सटकर अपने रिहायशी मकान वनाने में जुटे हैं।
पांच पंचायतों के अधिकार क्षेत्र से घीरा आनी कस्वा, एक मुख्य खड्ड जलोडी सहित तीन अन्य नालों ,देहुरी खड्ड,भैरड नाला नाला तथा खोबड़ा नाला की गोद में स्थित है,।ये खडें व नाले भारी बारिश के कारण कभी भी रौद्र रूप धारणकर आनी कस्वे पर कहर ढा सकते हैं।कस्वे के बुजुर्ग बताते हैं कि वर्ष 1977 में यहां आई भयंकर  बाढ़ ने आनी मेँ भारी तबाही मचाई थी,औऱ कस्वे का अस्तित्व भी मिट गया था।उस समय के बुजुर्ग उस ख़ौफ़नाक मंजर को आज भी नहीं भूले हैं,जबकि वर्तमान पीढ़ी उस खतरे से पूरी तरह अनभिज्ञ है।हालांकि कुछ बुद्धिजीवी लोग आनी पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंतित हैं और इसके बचाव के लिये प्रयासरत हैं, जिसके तहत यहां खड्डों तथा नालों के दोनों ओर कुछ क्रेट वाल भी विभिन्न योजनाओं के तहत लगवाए गए हैं,मगर अभी तक ऐसी कोई बड़ी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया गया है,जिससे कि आनी कस्वे पर मंडरा रहे संभावित खतरे से बचा जा सके।
इस वर्ष रेनी सीजन आगे बढ़ने और अपेक्षाकृत अधिक वर्षा होने से क्षेत्र में भूमि दलदल होने लगी है,जो कहीं न कहीं भूस्खलन का कारण बनकर कहर ढा रही है।
बहरहाल आनी कस्वे पर कोटनाला,माशनू नाला के  रूप में मंडरा रहे खतरे की घण्टी कब बज जाए,ये सम्भावित अनहोनी अभी तक भविष्य के गर्भ गृह में है।
Have something to say? Post your comment
और राज्य खबरें
लोक व्यवहार राष्ट्र स्तरीय संस्थानों पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर केंद्र से बात करें मुख्यमंत्री : राणा वंदे भारत मिशन के अंतर्गत 39 देशों/शहरों से अब तक 444 व्यक्तियों को हिमाचल प्रदेश वापिस लाया जा चुका है। जिका के अंतर्गत पौधरोपण व ग्रामीण आजीविका सुधार पर खर्च होंगे 41.78 करोड़ रुपयेः वन मंत्री बिजली उपभोक्ताओं को प्रदान किए जाने वाले उपदान का युक्तिकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है देशः मुख्यमंत्री प्रदेष के लोगों ने पाई पाई जोड़कर राहत कोष में दिया पैसा और नेताओं ने भरी अपनी जेबें कुठियाड़ी का वार्ड नंबर 4 कंटेनमेंट जोन बना, बौट व बाथू हॉटस्पॉट क्षेत्र से बाहर पुलिस थाना बद्दी में विश्राम कक्ष का शुभारम्भ कौशल विकास निगम ऑनलाइन प्रशिक्षण पर कर रहा है विचार: रोहन चंद ठाकुर