Tuesday, March 02, 2021
Follow us on
ब्रेकिंग न्यूज़
https://youtu.be/XtZXmzukedcनगर निगम के चुनाव पार्टी चिन्ह पर करवाए जाने का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राठौर ने किया स्वागतशराब और भांग का नशा ऐसा छाया की साधु ने तोड़े गाड़ी के शीशे,https://youtu.be/j8Ck3V67CNAफिर लोगों ने की जमकर पिटाईसुबह सुबह अवैध रूप से बिजली का प्रयोग करते विद्युत विभाग ने एक आरोपी दबोचा बड़ी खबर :एसजेवीएन अंतर्राष्ट्रीय सौर एलाईंस में शामिल हुआहमीरपुर जिला में हर्षोल्लास से मनाया गया 72वां गणतंत्र दिवस समारोह, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने की जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता, राष्ट्रध्वज फहराकर मार्चपास्ट की सलामी लीसमीक्षा : वार्ड पंच से लेकर जिला परिषद तक पटक डाले जनता ने , हेकड़ी , घमंड व बड़े नेताओं की धौंस हुईं जमींदोज पंचायत चुनाव : भीतरघात का ऑडियो वायरल, खूब हो रही चर्चाप्रथम चरण में हमीरपुर जिला में दिग्गजों ने किया मतदान, धूमल अनुराग ने समीरपुर , राजेंद्र राणा व अभिषेक राणा ने पटलांदर में किया मतदान
-
राज्य

आनी के बजूद पर मंडरा रहे खतरे के बादल

August 18, 2018 07:08 PM

 

 
आनी,
लगभग 10 हजार की आबादी बाले उपमण्डल मुख्यालय आनी के बजूद पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।यहां के कोटनाला,व माशनू नाला में भारी भूस्खलन से अति संवेदनशील हो चुकी दलड़ल युक्त भूमि कभी भी टूटकर अपने रौद्र तांडव से आनी कस्वे के बजूद पर कहर ढा सकता है।हालांकि कस्वेवासी इस संभावित खतरे से पूरी तरह अनभिज्ञ है,लेकिन अगर आनी के पूर्व इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए ,तो इतिहास गवाह है कि आनी कस्वे पर कुदरत पूर्व में दो वार अपना कहर ढा चुकी है,जिसमें आनी का पूरा बजूद दफन हो गया था।बाबजूद इसके लोग कस्वे में नदी नालों से सटकर अपने रिहायशी मकान वनाने में जुटे हैं।
पांच पंचायतों के अधिकार क्षेत्र से घीरा आनी कस्वा, एक मुख्य खड्ड जलोडी सहित तीन अन्य नालों ,देहुरी खड्ड,भैरड नाला नाला तथा खोबड़ा नाला की गोद में स्थित है,।ये खडें व नाले भारी बारिश के कारण कभी भी रौद्र रूप धारणकर आनी कस्वे पर कहर ढा सकते हैं।कस्वे के बुजुर्ग बताते हैं कि वर्ष 1977 में यहां आई भयंकर  बाढ़ ने आनी मेँ भारी तबाही मचाई थी,औऱ कस्वे का अस्तित्व भी मिट गया था।उस समय के बुजुर्ग उस ख़ौफ़नाक मंजर को आज भी नहीं भूले हैं,जबकि वर्तमान पीढ़ी उस खतरे से पूरी तरह अनभिज्ञ है।हालांकि कुछ बुद्धिजीवी लोग आनी पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंतित हैं और इसके बचाव के लिये प्रयासरत हैं, जिसके तहत यहां खड्डों तथा नालों के दोनों ओर कुछ क्रेट वाल भी विभिन्न योजनाओं के तहत लगवाए गए हैं,मगर अभी तक ऐसी कोई बड़ी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया गया है,जिससे कि आनी कस्वे पर मंडरा रहे संभावित खतरे से बचा जा सके।
इस वर्ष रेनी सीजन आगे बढ़ने और अपेक्षाकृत अधिक वर्षा होने से क्षेत्र में भूमि दलदल होने लगी है,जो कहीं न कहीं भूस्खलन का कारण बनकर कहर ढा रही है।
बहरहाल आनी कस्वे पर कोटनाला,माशनू नाला के  रूप में मंडरा रहे खतरे की घण्टी कब बज जाए,ये सम्भावित अनहोनी अभी तक भविष्य के गर्भ गृह में है।
 
Have something to say? Post your comment
और राज्य खबरें
तहसीलदार ने किया विस्फोट वाली जगह का दौरा सड़क सुरक्षा को बनाएं आदत: श्रवण मांटा आदित्य नेगी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय बांस मिशन के अंतर्गत जिला शिमला के लिए गठित जिला स्तरीय बांस विकास एजेंसी की बैठक का आयोजन किया गया पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे शिक्षित करे वर्तमान में ऊना विस में हो रहा 1000 करोड़ की परियोजनाओं पर काम: सत्ती एसडीएम माह में कम से कम दो पटवार वृतों का निरीक्षण करें: डीसी ग्रामीण बैंक द्वारा 9वां स्थापना दिवस आयोजित अगले वित्त वर्ष में 96,855 क्विंटल गेहूं बीज उत्पादित करने का लक्ष्य सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा में सब बनें भागीदार: वीरेन्द्र कंवर सबस्टेशन चंबा के तहत 16 फरवरी को 11.30 बजे से दोपहर  2 बजे तक बंद रहेगी विद्युत आपूर्ति