Thursday, July 02, 2020
Follow us on
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग: कलयुगी दादा ने अपनी 9 साल की पोती को बनाया हवस का शिकारशहादत : तिरंगे में लिपटे अमर शहीद अंकुश के पार्थिव शरीर को देख बिलख उठे हमीरपुरवासी, आसमान भी रोया, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई , सीएम कल मिलेंगे परिजनों से तिरंगे में लिपटे अमर शहीद अंकुश का पार्थिव शरीर ले आज 10 बजे लेह से चण्डीगढ़ के लिए उड़ान भरेगा विशेष विमान, क़ड़ोहता के बरसेला नाला में होगी राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाईअंकुश की शहादत से हमीरपुर गमगीन, हमीरपुर जिला के कड़ोहता ( भोरंज उपमंडल)का वीर सैनिक अंकुश शहीद हुआ , कड़ोहता में बेसब्री से हो रहा शहीद के पार्थिव देह का इंतज़ार ब्रेकिंग ) हमीरपुर : मानसिक परेशानी से घर से ग़ायब युवक की सातवें दिन जंगलबेरी में मिली डेड बॉडी,ब्रेकिंग : जिला सोलन के अर्की में कोरोना का पहला मामला आने से हड़कंप ब्रेकिंग: कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति गुरुग्राम से सीधे पहुंचा अस्पताल, मेडिकल कॉलेज नेरचौक में मची अफरातफरी अनलॉक एक का मतलब है और अधिक सावधानी, एतिहात
-
राज्य

निरमंड की एकल महिला कमला बनी बेमिसाल बागवान

February 04, 2019 06:55 PM

रामपुर बुशहर, 

रामपुर बुशहर के समीप लगती निरमंड तहसील की महिला बागवान कमला ने बागवानी के क्षेत्र में वह कर दिखाया जो आम आदमी की पहुंच से बाहर होता है। एकल महिला होते हुए भी उन्होंने अपने गांव सभौवा नावा में करीब एक हजार पौधों का सेब बागीचा तैयार किया है जिसमें करीब साढ़े तीन सौ पौधे आधुनिक नई प्रजाति के है। इनमें रेड चीफ, सुपर चीफ, आरगन स्पर प्रमुख हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि महिलाएं भी बागवानी क्षेत्र में किसी से कम नहीं यदि मन में कुछ करने का पक्का जज्बा हो। कमला बताती हैं कि सेब की आधुनिक प्रजातियां काफी लाभदायक हैं क्योंकि इस प्रजाति के सेब का रंग एक समान और साइज में बड़ा  होता है तथा जुलाई के आखरी सप्ताह में फसल आ जाने से मुनासिब दाम भी मिल जाता है।

कमला ने बागवानी के गुर अपने स्व. पति से सीखे हैं जो कि बागवानी विश्व विद्यालय नौणी में एक अधिकारी थे। पति की मौत के बाद सारी जिम्मेवारी उन्हीं पर आ पड़ी और इस जुझारू महिला ने किसी की बिना सहायता से शुरु कर दिया बागवानी का काम। कमला अपने बागीचे का सभी काम स्वयं ही करती हैं पौधों के लिए गढ्ढे बनाना, पौधे रोपना, स्प्रे्, प्रूनिंग से लेकर ग्रेडिंग पैकिंग का सभी काम वे बाखूबी बिना किसी की सहायता से निपटा लेती हैं। केवल सेब ढुलाई के लिए उन्हें मजदूरों पर निर्भर रहना होता है। उनका कहना है कि आजकल लेबर का मिलना मुश्किल है यदि मिलती भी है तो भारी भरकम दिहाड़ी देनी पड़ती है।

कमला अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई है आसपास की अन्य महिलाएं अब उनसे जानकारी लेकर बागवानी के क्षेत्र में कदम रख रही हैं। इस जुझारु महिला बागवान का सबके लिए एक ही संदेश है कि लोग दूसरे के ऊपर निर्भर न रह कर अपना काम खुद ही करें खास कर महिलाएं आगे आएं। अपना अधिकांश काम स्वयं करने से धन की बचत तो होगी साथ ही आत्मनिर्भर होने की प्रेरणा मिलेगी। अब उनकी देखा देखी आसपास की खाली पड़ी जमीनों पर लोग सेब की खेती करने के लिए उनसे गुर सीखने आते हैं जो उन्हें जानकारी तो देती हैं साथ ही उत्साहित भी करती हैं।

Have something to say? Post your comment
और राज्य खबरें
राष्ट्र स्तरीय संस्थानों पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर केंद्र से बात करें मुख्यमंत्री : राणा वंदे भारत मिशन के अंतर्गत 39 देशों/शहरों से अब तक 444 व्यक्तियों को हिमाचल प्रदेश वापिस लाया जा चुका है। जिका के अंतर्गत पौधरोपण व ग्रामीण आजीविका सुधार पर खर्च होंगे 41.78 करोड़ रुपयेः वन मंत्री बिजली उपभोक्ताओं को प्रदान किए जाने वाले उपदान का युक्तिकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है देशः मुख्यमंत्री प्रदेष के लोगों ने पाई पाई जोड़कर राहत कोष में दिया पैसा और नेताओं ने भरी अपनी जेबें कुठियाड़ी का वार्ड नंबर 4 कंटेनमेंट जोन बना, बौट व बाथू हॉटस्पॉट क्षेत्र से बाहर पुलिस थाना बद्दी में विश्राम कक्ष का शुभारम्भ कौशल विकास निगम ऑनलाइन प्रशिक्षण पर कर रहा है विचार: रोहन चंद ठाकुर प्रधान सचिव जे.सी शर्मा ने विभागीय कार्य की समीक्षा की