Monday, February 17, 2020
Follow us on
ब्रेकिंग न्यूज़
टौणी देवी स्कूल की चारदीवारी को उपायुक्त से 25 लाख रुपए मिले, प्रिंसिपल व एसएमसी ने जताया आभारसमीरपुर की दहलीज़ से मिला देशभक्ति का पाठ आज भी याद रखते हैं अनुराग ठाकुर, मिलने वालों का लगा रहा ताँता हमीरपुर : हादसे में न सीखने वाला बचा न सिखाने वाला , पहाड़ी से लुढ़की नई इनोवा गाड़ीप्रेम कौशल ने कहा : “गाली गलौज की राजनीति बंद करने पर सीएम जयराम का स्वागत, अन्य भाजपा नेता भी लें सबक़”हमीरपुर : जेबीटी कमीशन में बीएड को शामिल करने का विरोध, धरना प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से भेजे ज्ञापन हमीरपुर के सीआईडी इंचार्ज जगपाल सिंह जसवाल प्रेज़िडेंट पुलिस मेडल से सम्मानित, ऊना के चुरड़ू गाँव से हैं सम्बंधितये हाथ हमको दे दे ठाकुरआसमान की बुलंदियों पर उड़ता नजर आएगा मडावग का विक्रम !
-
कारोबार

चमकी बुखार से फीकी हुई लीची की चमक

रजनीश शर्मा  | June 22, 2019 01:17 PM

 

हमीरपुर, 

बिहार में चमकी बुखार और लीची को लेकर फैले भ्रम को लेकर हिमाचल में भी लीची की बिक्री प्रभावित हुई है । इससे दुकानदार व बागवान परेशान दिख रहे हैं । लीची की बिक्री में आई मंदी से उन बागवानों की हवाईयाँ उड़ गयी हैं जिन्होंने व्यापक स्तर पर लीची के बाग़ लगाए हैं । फलों की रानी के तौर पर पहचाने जाने वाला रसीला फल 'लीची' विवादों के केंद्र में है। दरअसल, डॉक्‍टरों के साथ बिहार सरकार के कुछ अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की मौत के पीछे उनका लीची खाना भी एक कारण है। इसका असर यह हुआ है कि बिहार समेत देश भर में लीची को संदिग्‍ध नजर से देखा जा रहा है। हालात ये हो गए हैं कि लोगों ने लीची खरीदना तक बंद कर दिया है। इस वजह से दुकानदारों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं और इस फल के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बीते एक हफ्ते में हमीरपुर , काँगड़ा , मंडी , ऊना सहित प्रदेश के अन्य इलाक़ों में लीची की बिक्री में करीब 30 फीसदी तक की गिरावट आई है। माना जाता है कि लीची का सीज़न केवल 20 से 25 दिन का होता है । इसके बाद लीची ख़राब होना शुरू हो जाती है । इस बार लीची की बम्पर फ़सल होने से बागवानों को अच्छा मुनाफ़ा होने की उम्मीद थी लेकिन चमकी बुखार के कारणों में लीची को लेकर फैली अफ़वाह ने बागवानों और फल विक्रेताओं की परेशानी बढ़ा दी है । फलों की दुकानों में लीची तो है , लेकिन ख़रीददार नहीं मिल रहे हैं।

 

लीची नहीं ,कुपोषण ज़िम्मेदार 

 

बाग़वानी विशेषज्ञ यह मानते हैं कि लीची में ऐसा कोई तत्व नहीं होता जिससे चमकी बुखार हो । बिहार में बच्चों के मरने की बड़ी वजह कुपोषण माना जा रहा है । इस बारे में बाग़वानी विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर पवन ठाकुर ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कोहरा नहीं पड़ता और पानी की सुविधा है , वहाँ लीची की खेती को बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने माना कि लीची को लेकर उठे भ्रम को लेकर बागवानों को मंदी के दौर से गुज़रना पड़ रहा है।

Have something to say? Post your comment
 
और कारोबार खबरें
हिमाचल सरकार ने 10095 करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए मर्जर के खिलाफ देश भर में आज बैंक रहे बंद बंजार के बागबान पदम देव ने अनार से की आर्थिकी सुदृढ़ हाईब्रीड मक्की बीज ने मालामाल किए किसान,सुदृड़ हुई आर्थिकी उद्योग मंत्री ने जीएसटी परिषद की 37वीं बैठक में भाग लिया कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 22 प्रतिशत किए जाने का निर्णय सराहनीयः मुख्यमंत्री कार्यशाला के बाद प्रतिष्ठित महिलाओं ने सूरज स्वीट्स एवं रेस्टोरेंट में किया लंच , जमकर की तारीफ केसीसी बैंक ने बरोहा में लगाया वित्तिय साक्षरता शिवि आज़ादी दिवस और रक्षा बंधन के लिए बाज़ारों में दिखा जोश टाटा ग्रुप ने हिमाचल में चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई