Friday, July 19, 2024
Follow us on
ब्रेकिंग न्यूज़
बिंदल का दावा कांग्रेस ने देश को अंग्रेजो से भी ज्यादा नुकसान पहुंचाया हैश्रीखंड मे बहेगी ज्ञान गंगा शिमला के आचार्य राकेश भारद्वाज करेंगे प्रवचन 20 जुलाई से 27 जुलाई  तक होगा आयोजनशिक्षा मंत्री ने किया रामनगर विद्यालय भवन का लोकार्पणउपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में पीएसीएस की बैठक आयोजितगर्मी में बार-बार की बिजली कटौती से लोग परेशान, प्रभावित हो रहे काम काजबड़सर के नशा मुक्ति केंद्र में 25 वर्षीय युवक की हत्या के बाद फरार आरोपी तुषार ने किया पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण रक्षा बंधन को आना था घर लेकिन जम्मू के अखनूर में हमीरपुर के 23 साल के अग्रिवीर  की संदिग्ध मौत स्वतंत्रता दिवस की अवसर पर लोकसभा चुनावों के दौरान सराहनीय कार्यों के लिए कर्मचारियों को किया जाएगा सम्मानित
-
विशेष

पवन 6 महीने बाद घर लौटे बेटियों को गले तक नहीं लगाया 8 हजार फीट पर क्वारंटीन हुए

-
हिमालयन अपडेट ब्यूरो | May 13, 2020 05:25 PM

पवन ने कहा- परिवार और समाज की सुरक्षा सबसे पहले, क्वारंटीन खत्म कर जाएंगे घर

 

आनी,

 

कोरोना महामारी के चलते बाहर से आने वाले कई लोग जहां सरकार के दिशानिर्देशों को दरकिनार कर क्वारंटीन का उल्लंघन कर रहे हैं वहीं आनी के घोरला गांव के पवन श्याम ने प्रशासन के आग्रह पर खुद को होम क्वारंटीन कर मिसाल पेश की है। पवन क्वारंटीन हुए भी तो घऱ से करीब 16 किलोमीटर दूर करीब 8 हजार फीट की ऊंचाई पर। उनका परिवार घोरला गांव में रहता है जोकि करीब 5 हजार फीट की ऊंचाई पर है। वह छह महीने बाद राजस्थान से घर लौटे हैं। 2 मई को घर लौटने के बाद वह घर नहीं गए, परिवार वालों से दूर से ही मिले। काफी समय बाद घर लौटने के कारण 7 साल और डेढ़ साल की बेटी को गले लगाने का मन था लेकिन परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीधे होम क्वारंटीन के स्थान की ओर चल पड़े। 2 मई के बाद से पवन अकेले 8 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित अपने सेब के बगीचे में बने घर में क्वारंटीन है। वह अकेले ही खाना बनाते हैं और अपनी देखभाल भी खुद ही कर रहे हैं।

पवन श्याम आनी उपमंडल के पलेही पंचायत के घोरला गांव के रहने वाले हैं। राजस्थान में ऑलफ्रेश कंपनी में काम करते हैं। लॉकडाउन लगने के बाद घर आने की कोशिश की लेकिन प्रदेश सरकार से 30 अप्रेल को घर आने की अनुमति मिली। 2 मई को लुहरी पहुंचे। पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटीन में रहने का आग्रह किया। इसके बाद पवन ने घर से करीब 4 घंटे की पैदल दूरी और 16 किलोमीटर सड़क की दूरी पर नित्थर के बुआई नामक स्थान पर अपने बगीचे में बने घर में खुद को क्वारंटीन किया। पवन का कहना है कि वह राजस्थान के रेड जोन से आए हैं। 24 मार्च से 30 अप्रेल तक राजस्थान में घर के अंदर ही रहे। घर लौटने के पश्चात परिवार और समाज को प्राथमिकता देते हुए खुद को नित्थर के बुआई में क्वारंटीन किया। हालांकि पवन के पास खुद को अपने परिवार के पास घोरला गांव में भी खुद को क्वारंटीन करने का विकल्प था लेकिन वो कोई जोखिम लेना नहीं चाहते थे, इसलिए वो 8 हजार फीट की ऊंचाई पर खुद को क्वारंटीन करने चले गए। पवन का कहना है कि उन्हें कोरोना महामारी के लक्षण अभी तक नहीं दिखें हैं। हल्की सिरदर्द हुई थी लेकिन प्रशासन द्वारा दवा उपलब्ध करवाने के बाद अब ठीक है। उनका कहना है कि क्वारंटीन समाप्त होने के बाद ही वह घर जाएंगे। उन्होंने प्रदेश के बाहर से आने वाले लोगों से अपील की है कि क्वारंटीन का इमानदारी से इसलिए पालन करें क्योंकि ये आपके परिवार और समाज का बीमारी से बचाव का सवाल है। स्थानीय लोग पवन श्याम द्वारा खुद को इस तरह क्वारंटीन करने के फैसले की सराहना कर रहे हैं।

एसडीएम आनी चेत सिंह का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है। ऐसे में यदि कोई सरकारी आदेशों को दरकिनार करता है या क्वारंटीन का उल्लंघन करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चेत सिंह ने लोगों से यह भी अपील की है कि सरकार के दिशा निर्देशों का लोग इमानदारी से पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें और अपने परिवार-समाज को बीमारी से बचाने के लिए बाहर से आने वाले लोग क्वारंटीन सही प्रकार पालन करें।

-
-
Have something to say? Post your comment
-
और विशेष खबरें
उप राजिक मोहर सिंह छींटा सेवानिवृत वन चौकीदार से BO बनने तक का संघर्षपूर्ण सफर । नाम सक्षम ठाकुर योगा में हिमाचल और परिवार का नाम कर रहा ऊँचा विदेश से नौकरी छोड़ी, सब्जी उत्पादन से महक उठा स्वरोजगार सुगंधित फूलों की खेती से महकी सलूणी क्षेत्र के किसानों के जीवन की बगिया मौत यूं अपनी ओर खींच ले गई मेघ राज को ।हादसास्थल से महज दो किलोमीटर पहले अन्य गाड़ी से उतरकर सवार हुआ था हादसाग्रस्त आल्टो में । पीयूष गोयल ने दर्पण छवि में हाथ से लिखी १७ पुस्तकें. शिक्षक,शिक्षार्थी और समाज; लायक राम शर्मा हमें फक्र है : हमीरपुर का दामाद कलर्स चैनल पर छाया पुलिस जवान राजेश(राजा) आईजीएमसी शिमला में जागृत अवस्था में ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपेरशन किसी चमत्कार से कम नहीं लघुकथा अपने आप में स्वयं एक गढ़ा हुआ रूप होता है। इसे यूँ भी हम कह सकते हैं - गागर में सागर भरना
-
-
Total Visitor : 1,66,51,607
Copyright © 2017, Himalayan Update, All rights reserved. Terms & Conditions Privacy Policy