Tuesday, May 24, 2022
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ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय कवि संगम' महिला इकाई देहरादून के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी का आयोजननंद लाल शर्मा द्वारा स्कूल भवन- नाथपा का लोकार्पणदैवीय आह्नवान, वैदिक मंत्रोचारण व पावन आरती के साथ बांध स्थल, नाथपा में सम्पन्न सतलुज आराधनासुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार/कवि सुधीर श्रीवास्तव ने किया देहदान की घोषणाएसजेवीएन ने नेपाल में 490 मेगावाट अरुण-4 की एक और जलविद्युत परियोजना की हासिलएस बी आई प्रबंधक ने 2 लाख का चेक भेंट किया।सुप्रसिद्ध कवित्री,लेखिका,गायिका और समाज सेविका झरना माथुर की राजस्थान के प्रसिद्ध संगीत ग्रुप "रंगरेज" के कलाकार मगधा खानसे मुलाकात।केबिनेट मीटिंग :आयुष विभाग में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों के 200 पद भरने का निर्णय... पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
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लेख
बसंत पंचमी विशेष ;डॉ अर्चना मिश्रा शुक्ला

नौमी तिथि मधुमास पुनीता ।

सकल पुच्छ अभिजित हरिप्रीता 

संवाद का......... अभाव

अबूझ पहेलियो और रहस्यमय शब्द जालो , व्यवहारों और विचित्र से प्रस्तावों के मध्य

कोविड़ -19 एक युद्ध

डा ० अर्चना मिश्रा शुक्ला#आर्थिक मुश्किलें विश्व स्तर पर प्रत्येक देश भुगत रहा है । पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की गिरफ्त में रही है इसकी क्षतिपूर्ति में कई वर्ष लग जाएगें ।

आखिर रोजगार के सृजन कब होंगें नव भारत का निर्माण संसद भवन के निर्माण से शुरू ?

सामाजिक विषय #राम भगत नेगी किन्नौर
हिमाचल प्रदेश#अब नया संसद भवन बन कर देश में नव भारत का सृजन होगा फिर सांसदो के वेतन बड़ा कर देश नव भारत की ओर अग्रसर होगा किन्तु देश में मजदूर, किसान,मध्यमवर्ग ,जैसे थे वैसे ही रहेंगे

.बढ़ती आर्थिक - असमानताएं और आम - आदमी की पीड़ा

विश्वव्यापी कोरोना - त्रासदी पर आपका एक काव्य - संग्रह " त्रासदियों का दौर " और एक विश्लेषण पूर्ण किताब " वैश्विक त्रासदी और भारत की अर्थव्यवस्था " प्रकाशित हो रही हैं .

गुरु नानक देव जी के संदेश

प्रकाश पर्व#30 नवंबर 2020- श्री गुरु नानक जनमोत्सव विशेष #डॉक्टर अमिताभ शुक्ल द्वारा प्रकाश पर्व पर गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से समाज को जागरुक करते विचार

भारत में लोकतंत्र , राजतंत्र और अर्थ - तंत्र की दिशा और आम आदमी का जीवन : - +

अमिताभ शुक्ला


भारत में लोकतंत्र , राजतंत्र और अर्थ - तंत्र की दिशा और आम आदमी का जीवन : -

कोरोना का वार महंगाई से हाहाकार

 कोरोना  का वार  महंगाई से हाहाकार प्रीति शर्मा असीम

काव्य - संग्रह " त्रासदियों का दौर " पर मंतव्य

किताबी दुनिया के बीच रहकर किताबी कीट बन जाने वाली नियति से बचे रहे और समाज के प्रत्येक चाल चलन के प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपनी संवेदनात्मक सजगता का परिचय देते रहे .

अप्रतिम जीवनी-शक्तिवाली और संघर्षशील भाषा : हिन्दी*

 *है भव्य भारत ही हमारी मातृभूमि हरी-भरी ।*
*हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा और लिपि है नागरी ।।*

हिंदी दिवस पर हिंदी का महत्व

 राजीव डोगरा "विमल" निज भाषा बोलहु लिखहु पढ़हु गनहु सब लोग।
करहु सकल विषयन विषै निज भाषा उपजोग।।"